भारत इस प्रयास में है, कि अफगानिस्तान में बाहरी ताकतों के दबाव में नहीं,परन्तु उनके द्वारा स्वाभाविक रूप से बनाया जाए। कभी रूस तो कभी अमेरिका, तो कभी अन्य देश अपने निजी स्वार्थ के लिए किसी देश में युद्ध की स्थिति पैदा कर देते हैं, बांग्लादेश दक्षिण एशिया के अन्य देशों से ज्यादा रफ्तार से प्रगति कर रहा है। पाकिस्तान की नियति डूबने की है। उसका आचरण अशांति और खून खराबे में अटका हुआ है। यही करण है कि पाकिस्तान में आतंकवाद की जितनी घटनाएं होती हैं, उतनी कहीं और नहीं होती। उसका नुकसान भी उसे ही  पड़ता है। वहीं सच्चाई यह है कि तालिबान की जीत को पाकिस्तान विजय के रूप में देखा जा रहा है। ऐसा देखने का कारण भी है। तालिबान को पोषित और संचालित करने का काम पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आइएसआइ के इशारे पर हुआ है। यहां तक 2020 का ‘दोहा पीस डील’ भी पाकिस्तान के कारण सफल हुआ।