रामभरोसे चल रहा द्वाराहाट का सामुदायिक स्वास्थ केंद्र, केवल रेफर सेंटर बना।

रामभरोसे चल रहा द्वाराहाट का सामुदायिक स्वास्थ केंद्र, केवल रेफर सेंटर बना।

द्वाराहाट: द्वाराहाट क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। यहां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामभरोसे चल रहा है। यहां स्वीकृत 11 पदों के सापेक्ष यहां सिर्फ छह चिकित्सक तैनात हैं। हड्डी रोग, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट आदि महत्वपूर्ण पदों पर डॉक्टर न होने से लोगों को अन्यत्र जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। द्वाराहाट कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज, राजकीय पालीटेक्निक सहित बड़ा आबादी क्षेत्र है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। इन पदों के सापेक्ष डॉ. तपन शर्मा प्रभारी/जनरल फिजिशियन, डॉ. सुधांशु सिंह, डॉ. अविशेक गुप्ता, डॉ. रुचि कुमारी, दंत चिकित्सक डॉ. बगीशा चंद्रा एवं संविदा पर डॉ. ज्योति मौर्या सहित छह चिकित्सक तैनात हैं। वार्डब्वॉय के स्वीकृत तीन पदों के सापेक्ष एक ही वार्डब्वॉय था। कोरोना के चलते आउटसोर्सिंग से एक अन्य वार्डब्वॉय दिया गया है। वर्षों से पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन में जंक लग गया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. तपन शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ सहायक (हेड क्लर्क) न होने से विभागीय एरियर, पेंशन, जीपीएफ सहित आफिस कार्यों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।

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वही  हरवंश बिष्ट का कहना है कि सबसे बड़ी तहसील द्वाराहाट, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, सरकार की ओर से पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं है। कोरोना काल में अस्पतालों की हालत नहीं सुधर रही, बेहद चिंताजनक है। जिला पंचायत सदस्य ईडा अंजू जोशी का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बेहद दयनीय है। सुविधाओं के अभाव में इतने बड़े क्षेत्र की जनता परेशान है। यह मात्र रेफर केंद्र बन गया है। महिला प्रसूति विशेषज्ञ न होने से बाहर जाने को मजबूर हैं।

विधायक महेश नेगी जी का कहना है कि में विधायक बनने के बाद मैं एक साथ 20 डॉक्टरों को लाया। यों तो डॉक्टरों की समस्या पूरे प्रदेश और देशस्तर पर है। बावजूद इसके सरकार ने 800 डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। चूंकि जिलास्तर पर एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। इससे अल्ट्रासाउंड की समस्या बकरार है। फिर भी यहां महीने में एक बार रेडियोलॉजिस्ट आते रहे हैं।

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