2022 में भाजपा के लिए नई उम्मीदों ने लिया जन्म लिया , युवा जोश में।

धामी सरकार :

प्रदेश में पहले त्रिवेंद्र उसके बाद तीरथ की विदाई के बाद भाजपा के सामने बड़ी चुनौती, नए चेहरे की तलाश।और चुनाव भी चरम सीमा पर है, क्योकि दो सीएम पहले   बदल चुके है।और इससे पार्टी की काफी टकराव भी हो रही थी। इस बीच पार्टी ने युवा चेहरे को अवधान दी और 30 दिन के भीतर पुष्कर सिंह धामी ने यह भी साबित करने की कोशिश कि वह रात्रि चौकीदार की पारी खेलने नहीं आए हैं। बल्कि उनके भीतर प्रदेश और पार्टी के लिए कुछ करने का जूनून है।

धामी सरकार के 30 दिन: बीता मुख्यमंत्री का एक महीने का कार्यकाल, पार्टी कि और से आये लुभाने वाले फैसले

भाजपा के युवा को विधानसभा चुनाव में उतारने का फैसला 30 दिन में, काफी सही राह पर नजर आ रहा है। जब पुष्कर सिंह धामी का राज्याभिषेक हुई तो यह माना जा रहा था कि वह केवल एक रात्रि चौकीदार की तरह काम करेंगे, लेकिन 30 दिन में उन्होंने जो किया है, वह वाकई अलग है। उन्होंने एक नव युवा मुख्यमंत्री के तौर पर खुद को साबित करने के साथ ही युवाओं के बीच अपनी अच्छी-खासी  पकड़ बनाई है। उन्होंने साबित कर दिया है कि वह भीड़ का हिस्सा नहीं हैं। पार्टी ने भी अब युवा चेहरा, 60 प्लस का नारा देकर आगामी विस चुनाव के लिए एक उम्मीद खड़ी कर दी है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: