कोरोना वैक्सीन कितना प्रभावी होगा? जानें क्या कहता है एम्स निदेशक

 

गांधी जयंती के अवसर पर आजतक वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर इंडिया टुडे ग्रुप हेल्थगीरी अवॉर्ड्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मेगा कार्यक्रम में देशभर के कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के एक सत्र में एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर गुलेर‍िया ने कोरोना वायरस और वैक्सीन से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए.

वैक्सीन कितनी कारगर होगी?

डॉक्टर गुलेरिया से पूछा गया कि आखिर ये कैसे पता चलेगा कि कोई वैक्सीन सुरक्षित है, क्योंकि वैक्सीन का लॉन्ग टर्म ट्रायल नहीं किया जा रहा है. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, 'हम जब भी कोई वैक्सीन बनाते हैं तो उसका एनिमल ट्रायल करते हैं और उसका लंबे समय तक फॉलोअप करते हैं लेकिन समय बचाने के लिए कोरोना वायरस वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल एक साथ किया जा रहा है. इसमें ये सारी चीजें देखी जाती हैं कि वैक्सीन का लॉन्ग टर्म साइड इफेक्ट क्या हो सकता है. वैक्सीन आने के बाद जिन लोगों को ये दी जाएगी, उनकी भी क्लोज मॉनीटरिंग की जाएगी कि कहीं उन पर कोई साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा है.

वैक्सीन के प्रभाव को परखा जाएगा

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि वैक्सीन देने की प्रक्रिया में कई बातों का ध्यान रखा जाएगा. जैसे कि अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है तो वैक्सीन लगाने के बाद उन पर इसका कैसा असर होगा, बुजुर्गों को इस वैक्सीन से कितनी इम्यूनिटी मिलेगी और उनके लिए वैक्सीन कितनी सुरक्षित है, इन सभी डेटा को इकट्ठा करने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि इन सभी चीजों पर भी स्पष्टता जरूरी है.

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