कोरोना वैक्सीन पर अच्छी खबर, शुरू हुआ सबसे बड़ा ट्रायल, तीस हजार लोगो पर टेस्ट।

वॉशिंगटन: कोरोना वायरस की वैक्सीन का एक साथ 30 हजार इंसानों पर ट्रायल शुरू हो रहा है. इसमें लोगों को मॉडर्ना आईएनसी की बनाई वैक्सीन दी गई है. यह वैक्सीन उन चुनिंदा कैंडिडेट्स में से है जो कोराना वायरस से लड़ने की रेस के आखिरी चरण में हैं. नैशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ ऐंड और मॉडर्ना इंक की बनाई एक्सपेरमेंटल वैक्सीन वायरस से बचाव कर पाएगी इसकी फिलहाल कोई गारंटी नहीं है. इसलिए यह स्टडी की गई है।

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इस स्टडी में वॉलंटियर्स को इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि उन्हें असली वैक्सीन दी गई है या इसका डमी वर्जन. दो डोज देने के बाद इनकी हेल्थ को मॉनिटर किया जाएगा. इसमें देखा जाएगा कि डेली रूटीन में आने के बाद किस ग्रुप ने ज्यादा इंफेक्शन को महसूस किया. खासतौर से उन इलाकों में जहां अभी भी वायरस तेजी से फैल रहा है। मॉडर्ना ने बताया कि देश के चारों ओर फैले हुए सात दर्जन से ज्यादा परीक्षण स्थलों में से पहली बार जॉर्जिया के सवाना में वैक्सीन को टेस्ट किया गया था. यहां अच्छे परिणाम मिलने के बाद ही शोधकर्ताओं में वैक्सीन को लेकर उम्मीद बढ़ी थी. मॉडर्ना की इस वैक्सीन का नाम mRNA-1273 है।

हर वैक्सीन टेस्ट कर रहा अमेरिका
अमेरिका चाहता है कि देश में इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन का टेस्ट वह खुद करे। हर महीने एक कैंडिडेट का 30 हजार वॉलंटिअर्स पर टेस्ट होगा। इस टेस्ट में यह भी देखा जाएगा कि ये वैक्सीन कितनी सुरक्षित हैं। इसके बाद वैज्ञानिक इन वैक्सीनों की तुलना करेंगे। अगले महीने Oxford की वैक्सीन का टेस्ट होगा और फिर सितंबर में Johnson & Johnson, अक्टूबर में Novavax की स्टडी होगी। Pfizer Inc. अपने आप 30 हजार वॉलंटिअर्स पर स्टडी करेगा।

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