सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी श्री प्रत्युष सिंह जी की अनूठी पहल ऐपण से बने नेम प्लेट व वाल पेंटिग से सुसज्जित किया कार्यालय

उत्तराखंड माननीय मुख्यमंत्री जी व नैनीताल जिले के नवनियुक्त डी. एम. सर के बाद अब सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी श्री प्रत्युष सिंह जी ने देवभूमि उत्तराखंड की पारम्परिक चित्रकला, लोक संस्कृति ऐपण से सजाया अपना कार्यालय। ऐपण की नेम प्लेट और वाल पेंटिंग से किया अपने कार्यालय को सुसज्जित।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी ने अल्मोड़ा एक कार्यक्रम में शामिल होकर देवभूमि उत्तराखंड की पारम्परिक चित्रकला ऐपण में कार्य कर रही कई महिलाओं को सम्मानित किया था व लोगों को यह संदेश भी दिया था कि हमें अपनी संस्कृति की पहचान बरकरार रखने वाले सभी साथियों को जितना हो सके सहयोग देना चाहिए, इससे न केवल ऐपण चित्रकला को नई पहचान मिलेगी बल्कि ऐपण में कार्य कर रही सभी माताओं-बहनों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

भीमताल से "पूजा पडियार" द्वारा निर्मित अल्मोड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र रावत जी को ऐपण चित्रकला द्वारा बनाई गई नेम प्लेट पूजा द्वारा भेंट करते हुए।

उक्त कार्यक्रम के दौरान भीमताल में ऐपण चित्रकला में कार्य कर रही पूजा पडियार ने माननीय मुख्यमंत्री जी को ऐपण चित्रकारी से बनाई गई उनके नाम की नेम प्लेट भी भेंट की थी जिसे माननीय मुख्यमंत्री जी ने अपने कार्यालय में सज्जित किया।

ततपश्चात नैनीताल जिले के नवनियुक्त डी. एम. धीराज सिंह गर्ब्याल जी ने जिले के हर सरकारी दफ्तर में पदाधिकारियों के पद नाम ऐपण चित्रकला से बनवाने ने निर्देश दिए, इसकी शुरुआत डी. एम. धीराज गर्ब्याल जी ने खुद के कार्यालय में अपना पदनाम ऐपण चित्रकला से बने नेम प्लेट लगाकर की।

 

इसी क्रम में आज सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी श्री प्रत्यूष सिंह जी ने देवभूमि उत्तराखंड की परमारिक चित्रकला, लोक संस्कृति ऐपण से सजाया अपना कार्यालय, ऐपण की नेम प्लेट और पेंटिंग से किया कार्यालय को सुसज्जित।

सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में ऐपण से बनी श्री प्रत्यूष सिंह जी ने पदनाम की नेम प्लेट, व वाल पेंटिंग।

ये पहल माननीय मुख्यमंत्री जी, नैनीताल के नवनियुक्त डी. एम. सर व सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी द्वारा काफी सराहनीय है। इस पहल से देवभूमि उत्तराखंड की पारम्परिक चित्रकला ऐपण को एक और नई पहचान मिलने के साथ साथ ऐपण लोककला के क्षेत्र में कार्य कर रही सभी माताओं, बहन-बेटियों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, व उनका हुनर, चित्रकारी, को नया आयाम, नया मुकाम मिलेगा।

रिपोर्ट इंडिया आप सभी उत्तराखंडी साथियों से आग्रह करता है कि आप भी अपनी पारम्परिक संस्कृति, चित्रकला ऐपण के क्षेत्र में कार्य कर रही नारिशक्तियों को सहयोग करें उनकी चित्रकला को लोगों तक साझा करें।

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