February 19, 2020

भट्ट और नेगी बोले, गैरसैंण बने ग्रीष्मकालीन राजधानी, राजधानी घोषित कर सकते हैं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र।

 देहरादून: गैरसैंण(भराड़ीसैंण) विधानसभा में तीन मार्च से शुरू होने जा रहा बजट सत्र ऐतिहासिक हो सकता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर सकते हैं। बदरीनाथ विधानसभा के भाजपा विधायक महेंद्र भट्ट ने यह दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से इस बारे में बातचीत हुई है। उन्होंने उनकी मांग पर सहमति जताई है।  भट्ट ने बताया कि वे और कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी मुख्यमंत्री से मिले थे। हमने मुख्यमंत्री से भराड़ीसैंण में होने वाले सत्र के दौरान गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद हम पूरी तरह से आशावान हैं। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण सत्र में मुख्यमंत्री ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा कर सकते हैं। भट्ट के मुताबिक, सचिव स्तर के अधिकारी यदि भराड़ीसैंण में नहीं बैठ सकते तो अपर सचिव स्तर तक के अधिकारियों की स्थायी तैनाती ग्रीष्मकालीन राजधानी सचिवालय के लिए की जाए।

ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का भाजपा का है संकल्प

गैरसैंण (भराड़ीसैंण) को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का भाजपा का चुनावी संकल्प है। उसने चुनाव संकल्प पत्र में इस मुद्दे को शामिल किया। अब प्रदेश में भाजपा सरकार तीन साल पूरे होने जा रहे हैं। आम तौर पर सत्तारूढ़ दल के लिए चौथा साल चुनावी घोषणाओं को पूरा करने का साल होता है। ये बड़ा प्रश्न है कि क्या वास्तव में मुख्यमंत्री पार्टी के चुनावी संकल्प को पूरा करेंगे?

भट्ट की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल

भाजपा विधायक महेंद्र भट्ट ने गैरसैंण (भराड़ीसैण) को राजधानी घोषित करने के संबंध में फेसबुक पर पोस्ट भी डाली। उनकी ये पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई।

जनभावना से जुड़ा है राजधानी का मुद्दा

उत्तराखंड में राजधानी का मुद्दा जनभावनाओं से जुड़ा है। राज्य गठन के बाद से ही प्रदेश में पहाड़ की राजधानी पहाड़ में बनाए जाने को लेकर आवाज उठती रही हैं। राज्य आंदोलन के समय से ही गैरसैंण को जनाकांक्षाओं की राजधानी का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा की सरकारें गैरसैंण को खारिज नहीं कर पाई। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जब गैरसैंण में विधानमंडल भवन बनाया तब उन पर भी राजधानी घोषित करने का दबाव बना था। लेकिन उन्होंने घोषणा नहीं की। राजनीतिक आंदोलन से जुड़ा एक वर्ग गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की वकालत करता है। बीजेपी के संकल्प पत्र में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करना शामिल है। अब समय आ गया है कि वह संकल्प पूरा हो।  हम आश्वस्त हैं। मुख्यमंत्री का सकारात्मक रुख है।

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