डायबीटीज का सस्ता और रामबाण इलाज है जामुन की गुठली

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला

दून विश्वविद्यालय, देहरादून, उत्तराखंड

जावा प्लम को सामान्यत: जामुन (Jamun) के नाम से ही जाना जाता है जो भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाले पेड़ का फल है जिसका दूसरा नाम सिज़िगियम कमिनी है। आयुर्वेद, यूनानी और चीनी दवाओं की पद्धति में बड़े पैमाने पर जामुन के स्वास्थ्य लाभों का जिक्र किया गया है। भारत में तो जामुन सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। जामुन का उपयोग शराब और सिरका बनाने के लिए तो होता ही है साथ ही यह विटामिन ए और सी से भी समृद्ध है डायबीटीज के मरीजों के लिए बेहतरीन औषधि है। जामुन की गुठली को सुखाकर उनका पाउडर बनाया जाता है। इस पाउडर को खाली पेट लेने डायबीटीज या मधुमेह जैसी बीमारी में अत्यधिक लाभ मिलता है। शुगर कंट्रोल में रहती है और अपनी लाइफ को पूरी तरह इंजॉय कर पाते हैं।जामुन की गुठलियों से पाउडर बनाना बेहद आसान है। जामुन खाने के बाद इसकी गुठलियों को धो लें। इन्हें हल्के कपड़े से ढककर धूप में सुखा लें। हल्के कपड़े से हमारा मतलब जॉर्जट या शिफॉन से है। लाइट कॉटन का फैब्रिक सबसे सही रहेगा। जब गुठलियां सूख जाएं तो इनको टुकड़ों में तोड़ लें। इसके लिए अदरक कूटने के मूसल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जब ये गुठलियां छोटे टुकड़ों में टूट जाएं तो इन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को सुबह खाली पेट पानी के साथ लें। जामुन के बीज में कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन और कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके पत्ते फल छिलका और गुठलियां कई प्रकार के रोगों में इस्तेमाल की जाती हैं। मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है. जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में बेहद फायदेमंद हैं. मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन औषधि के रूप में खूब करना चाहिए. यह कई प्रकार के पौषक तत्वों से युक्त होता है. जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, वसा, Vitamin A, Vitamin B, विटामिन सी, गौलिक अम्ल, मेलिक अम्ल, टेनिन, तथा ऑक्सेलिक अम्ल हैं. इसलिए यह एक आयुर्वेदिक औषधि का भी कार्य करता है. पथरी की समस्या इन दिनों आम सुनने को मिल रही है. पथरी की समस्या से राहत पाने के लिए दवाइयों की जगह पर जामुन खाएं. आप चाहे तो जामुन के बीज को पीसकर पानी या दही के साथ भी ले सकते हैं. इस तरह बीजों का पाउडर लेने से पथरी की समस्या दूर होगी।

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जामुन के बीज का पाउडर आपका वजन घटाने के लिए एक बेहतरीन नुस्खा है, जिसे आप अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं. सुबह उठकर इस पाउडर को नियमित रूप से एक चम्मच खाएं और ज्यादा से ज्यादा पानी पियें. यह आपके बैली फैट को कम करेगा और आपको स्वस्थ रखने में मदद करेगा. यह पाउडर चेहरे के मुंहासे और दाग-धब्बों को हटाने के लिए उपयोगी है. रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर इस पाउडर का लेप लगा लें. सुबह उठकर गुनगुने पानी से इसे धो लें, यह आपके चेहरे को एक अच्छा निखार देगा. आपके कील-मुंहासों को जड़ से मिटाने में मदद करेगा.जामुन में विटामिन और आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो शरीर में खून की कमी को पूरा करने का काम करता है. जिन लोगों को अनीमिया की समस्या रहती है.

जामुन एक पारंपरिक औषधि है. इनमें एंथोसायनिन होता है जो कैंसर और दिल की बीमारियों को रोकने में मददगार होता है. मधुमेह के उपचार में यह एक जड़ी बूटी से कम नहीं होता है. जिनकी कंपनियों को भारी डिमांड है। उत्तराखंड की बड़ी समस्या बेरोजगारी से लोगों को निजात मिलेगा। लागू होने के बाद बेरोजगारी और पैसों के लिए परेशान किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है। अब देखना होगा कि यह हरा सोना इन लोगों की जिंदगी में हरियाली लाने में कितना कामयाब साबित होता है। उत्तराखंड सरकार ने भी राज्यभर में लौटे राज्य के मजदूरों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम में जुट चुकी है. इसका मकसद उत्तराखंड के उद्यमशील युवाओं और कोरोना की वजह से राज्य में लौटे प्रवासी कामगारों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है. पर अभी भी काश्तकारों के मन में डर है कि जब तक हमें बाजार उपलब्ध नहीं होता तब तक हम ये काम शुरू भी कर लें तो लाभ दिखाई देता है।

इस लेख में दिए गए विचार लेखक के हैं। लेखक द्वारा उत्तराखण्ड सरकार के अधीन उद्यान विभाग के वैज्ञानिक के पद पर का अनुभव प्राप्त हैं, वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत है। 

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